डिजिटल माला
२७, ५४ या १०८ दानों के साथ अपनी लय में जप करें।
Dhyan Mala
कभी-कभी मन जप के लिए तैयार होता है, लेकिन माला साथ में नहीं होती। ऐसे समय Dhyan Mala आपको शांति से जप करने, ध्यान में बैठने और अपनी रोज़ की साधना से जुड़े रहने में साथ देता है।
निःशुल्क • ऑफलाइन चलता है • अकाउंट की ज़रूरत नहीं

न कोई झंझट, न कोई विज्ञापन, न बेवजह का शोर।
बस जप, ध्यान और अपनी साधना में टिके रहने के लिए कुछ सरल साधन।
२७, ५४ या १०८ दानों के साथ अपनी लय में जप करें।
मधुर धुन, शांत वातावरण और अपनी साधना की लय के साथ ध्यान में बैठें।
जप, भक्ति और ध्यान से जुड़े श्लोकों और शिक्षाओं के साथ अपने दिन की शुरुआत करें।
धीरे से नीचे की ओर स्वाइप करें
एक दाना। एक गिनती। एक जप। और धीरे-धीरे अनेक मालाएँ। अपनी लय में आगे बढ़ते रहें, जब तक माला पूरी न हो जाए। न अनावश्यक बटन, न ध्यान भटकाने वाला काउंटर।




जप सेटअप
जप शुरू करने से पहले वही चुनें जो उस समय आपको सहज लगे। मन को शांत करने वाली धुन चुनें, आवाज़ अपने अनुसार रखें और फिर जप शुरू करें।
अविराम ध्यान
फोन आ गया। कुछ देर के लिए उठना पड़ा। आस-पास कुछ संभालना पड़ा। Dhyan Mala ऐसे व्यवधानों को चुपचाप दर्ज कर लेता है, ताकि बाद में आप अपनी साधना की लय को समझ सकें — बिना जप को असफल माने। यह कोई मूल्यांकन नहीं है। बस अपनी साधना को समझने का एक सरल तरीका है।
Dhyan Mala क्यों
हाथ में धारण की जाने वाली रुद्राक्ष, तुलसी और स्फटिक की माला का अपना महत्व है। Dhyan Mala उनका विकल्प नहीं है। यह बस उन क्षणों के लिए एक साथी है, जब जप करने का मन हो लेकिन माला साथ में न हो।
भाषाएं
मूल संस्कृत श्लोक वैसे ही दिखाई देते हैं, और उनका अर्थ आपकी चुनी हुई भाषा में पढ़ा जा सकता है।
यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि
यज्ञों में मैं जपयज्ञ हूँ।भगवद्गीता · १०.२५
शास्त्र और ज्ञान
Dhyan Mala में जप, भक्ति, ध्यान और आंतरिक शांति से जुड़े चुने हुए श्लोक और शिक्षाएँ शामिल हैं। अंतहीन सामग्री नहीं। बस ऐसे अर्थपूर्ण वचन जिन्हें आप अपनी साधना के साथ ले जा सकें।
अभ्यास झलक
यह दूसरों से तुलना करने के लिए नहीं है। यह अपनी निरंतरता को समझने के लिए है।
ध्वनि और ध्यान
कभी-कभी मौन ही पर्याप्त होता है। चाहें तो मंदिर की मधुर ध्वनि, ॐ की धुन या प्रकृति की आवाज़ के साथ भी साधना कर सकते हैं। ध्वनि केवल साथ देती है। साधना का केंद्र जप और ध्यान ही रहता है।
गोपनीयता और भरोसा
जहाँ हैं, वहीं से शुरू करें।